तपस्या भजन ,कुछ भी ना जानू
जानू तो एक.........,
जीवन का लक्ष्य मेरा ,तुमसे है जुडा
देखू तुमको ,पाऊ तुमको
कैसे होगा वो ,सिर्फ पता है तुमको...
कृष्ण कहू या राम,
शिव कहू या साईं भगवान्
स्मरण करते करते
दिन की उजाले से,
रात की अंधियारी तक
सबकुछ भाये मुझको
ओ साईं...............
शरण में आके तुम्हारा
कल का चिंतन ,
करू क्यों में भला??